श्री दुर्गा चालीसा

श्री दुर्गा चालीसा

🌺 श्री दुर्गा चालीसा 🌺 ॥ दोहा ॥निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करें सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें भगवान॥ ॥ चौपाई ॥जय अम्बे गौरी, माय जगदम्बे गौरी।तुमहि निरखत हौं, दयालु भव भौरि॥ चन्द्र समान मुख, बाल सुहाए।कानन कुंडल, नाग लपेटाए॥ रूप मातु को, अधिक सुहावा।दरश करत, हृदय सुख पावा॥ लाल अति शोभित, नीले

दुर्गा माँ की आरती

दुर्गा माँ की आरती

🌺 दुर्गा माँ की आरती 🌺 जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥जय अम्बे गौरी…॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।उज्जवल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥जय अम्बे गौरी…॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।गले में माला सोहे, कुंडल झुलत साजै॥जय अम्बे गौरी…॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।सुर नर मुनि जन

श्री हनुमान चालीसा | Hanuman Chalisa in Hindi

श्री हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा भगवान श्री हनुमान जी की स्तुति में रचित एक प्रसिद्ध काव्य है, जिसे गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में लिखा था। इसके पाठ से जीवन में साहस, शक्ति, निर्भयता और सकारात्मकता का संचार होता है। रोजाना हनुमान चालीसा के पाठ से सभी कष्ट दूर होते हैं और प्रभु की कृपा प्राप्त होती

श्री गणेश जी की आरती

Shri Ganesh Ji

🪔 श्री गणेश जी की आरती 🪔 जय गणेश देवा, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश देवा॥ एकदंत दयावंत, चार भुजाधारी।माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी॥ जय गणेश देवा॥ अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥ जय गणेश देवा॥ हार चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े