बहरे मेंढक की जीत | Motivational Story for Kids in Hindi

आत्मविश्वास और लक्ष्य पर फोकस रखने की एक अद्भुत कहानी। पढ़ें ‘बहरे मेंढक’ की हिंदी कहानी (Hindi Story) और जानें कि कैसे नकारात्मकता को अनदेखा करके सफलता पाई जा सकती है।


परिचय :


जीवन में कई बार ऐसा होता है जब लोग हमें कहते हैं कि “तुम यह नहीं कर सकते”। ऐसे समय में बच्चों को आत्मविश्वास बनाए रखने की जरूरत होती है। आज की हिंदी नैतिक कहानी (Moral Story in Hindi) इसी विषय पर है। यह कहानी हमें सिखाती है कि दूसरों की आलोचना से कैसे बचें।


कहानी: मेंढकों की अनोखी दौड़

एक बार मेंढकों की एक टोली ने जंगल में एक दौड़ का आयोजन किया। लक्ष्य बहुत कठिन था—सभी मेंढकों को एक बहुत ऊंचे और चिकने टावर (मीनार) की चोटी पर चढ़ना था।
इस दौड़ को देखने के लिए आसपास के तालाबों से बहुत सारे जानवर और मेंढक इकट्ठा हो गए। दौड़ शुरू हुई, लेकिन किसी को भी यकीन नहीं था कि कोई मेंढक इतनी ऊंची मीनार पर चढ़ पाएगा।


दर्शकों की नकारात्मक बातें

जैसे ही मेंढकों ने चढ़ना शुरू किया, नीचे खड़े दर्शकों ने चिल्लाना शुरू कर दिया:
“अरे! यह तो बहुत मुश्किल है।”
“वे कभी ऊपर नहीं पहुँच पाएंगे।”
“टावर बहुत ऊंचा है, गिरने का डर है।”
इन बातों को सुनकर जो मेंढक चढ़ रहे थे, उनका मनोबल टूटने लगा। एक-एक करके वे थक कर या फिसल कर नीचे गिरने लगे। भीड़ अभी भी चिल्ला रही थी, “यह असंभव है! कोई नहीं कर सकता।”


एक मेंढक का संकल्प

लेकिन उन सब के बीच एक छोटा सा मेंढक था जो धीरे-धीरे, लेकिन लगातार ऊपर की ओर बढ़ता जा रहा था। वह भी कई बार फिसला, लेकिन उसने हार नहीं मानी और दोबारा चढ़ना शुरू किया।

बाकी सारे मेंढक हार मान चुके थे, लेकिन वह छोटा मेंढक अपनी धुन में चढ़ता गया और अंततः टावर की सबसे ऊंची चोटी पर पहुँच गया। सभी हैरान रह गए।

नीचे आकर जब बाकी मेंढकों ने उससे पूछा, “तुमने यह कैसे किया? तुम्हें डर नहीं लगा जब सब कह रहे थे कि यह असंभव है?”

तभी पीछे से एक दूसरे मेंढक ने बताया, “अरे, इससे क्या पूछते हो? यह तो बहरा है, इसे कुछ सुनाई नहीं देता!”

सच्चाई यह थी कि जब लोग नीचे से चिल्ला रहे थे कि “तुम गिर जाओगे”, तो उस बहरे मेंढक को लगा कि लोग उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं और “तुम कर सकते हो” कह रहे हैं। इसी सोच ने उसे जीत दिला दी।


इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है? (Moral of the Story)

इस Inspirational Story से बच्चों को बहुत गहरी सीख मिलती है:

  • अपने लक्ष्य पर ध्यान दें: जब आप किसी लक्ष्य को पाने की कोशिश करें, तो इधर-उधर की बातों पर ध्यान न दें।
  • नकारात्मकता को अनदेखा करें: जीवन में ऐसे बहुत लोग मिलेंगे जो कहेंगे कि आप नहीं कर सकते। उनकी बातों के लिए ‘बहरे’ बन जाना ही बेहतर है।
  • आत्मविश्वास: अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें, दूसरे क्या सोचते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है।

बच्चों में आत्मविश्वास (Confidence) कैसे बढ़ाएं?

कहानियों के अलावा, माता-पिता बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ये टिप्स अपना सकते हैं:

  • प्रयास की तारीफ करें: सिर्फ जीत की नहीं, बल्कि बच्चे की कोशिश की भी तारीफ करें।
  • छोटे लक्ष्य दें: बच्चों को छोटे-छोटे कार्य दें जिन्हें पूरा करके वे अच्छा महसूस करें।
  • सकारात्मक माहौल: घर में सकारात्मक बातें करें, जैसे “तुम यह सीख सकते हो” बजाय इसके कि “तुमसे यह नहीं होगा”।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: बच्चों के लिए ‘बहरे मेंढक’ की कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

Ans: इस कहानी का मुख्य संदेश यह है कि हमें दूसरों की नकारात्मक बातों को अनदेखा करके अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

Q2: बच्चों को मोटिवेशनल कहानियां कब सुनानी चाहिए?

Ans: जब बच्चे निराश हों, किसी प्रतियोगिता में हार गए हों, या पढ़ाई का दबाव महसूस कर रहे हों, तब ऐसी कहानियां उनका मनोबल बढ़ाती हैं।

Q3: क्या छोटी कहानियां बच्चों के मानसिक विकास में मदद करती हैं?

Ans: जी हाँ, छोटी कहानियां बच्चों की सोचने की शक्ति को बढ़ाती हैं और उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना सिखाती हैं।

Q4: मैं बच्चों के लिए और नैतिक कहानियां (Moral Stories) कहाँ ढूंढ सकता हूँ?

Ans: आप हमारी वेबसाइट के ‘Kids Section’ में जाकर पंचतंत्र, हितोपदेश और अकबर-बीरबल की ढेरों कहानियां पढ़ सकते हैं।


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